शुक्रवार, 13 अप्रैल 2012

Neeraj Tripathi --
Thank you sir, for the wonderful book... [ भीगे पथ से अग्नि पथ तक ]....Its a gem.

Vijai K Singh ----
-तुषार जी आपकी कविताओं में एक खास लय है , तरन्नुम है संगीत है ....... अच्छा सा लगता है ..

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