tushar
मंगलवार, 8 नवंबर 2011
जिन्दगी जहाँ तक खिले उसे खिलने दो ,
रौशनी को अपनी हद तक गुजरने दो //
जरा -सा प्यार काफी है सफ़र के लिए ,
निगाहों में , निगाहें जरा उतरने दो //
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